आज जिस पश्चिमी सभ्यता को महिलाओं का उद्धारक समझा जाता है। जबकि अगर गहराई के साथ सोंचा जाए तो उसने महिलाओं के अपमान में कोई कसर नहीं छोड़ी,और स्वतंत्रता के नाम पर उसको इस बात पर मजबूर कर दिया कि वह माँ होने की भी ज़िम्मेदारी पूरी करे और बाप की जिम्मेदारी का भी कुछ हिस्सा अपने उपर ले ले। उसे बच्चे को